हम सरकार से विकास चाहते हैं. कुछ काम तो ऐसे हो रहे हैं, जो बरसों से नहीं हुए थे, मगर इस समय जो मंदी है, उससे हर कोई परेशान है. केंद्र सरकार को इसका जवाब देना चाहिए. उद्योग व व्यापार बुरे दौर से गुजर रहे हैं.
पहले ही हमारे यहां बेरोजगारी का संकट था, अब कर्मचारियों की छंटनी से स्थिति बदतर होती जा रही है. देखा जाये, तो 75 फीसदी रोजगार देनेवाले चारों सेक्टर खराब दौर से गुजर रहे हैं. बीते सात दशकों में वित्तीय क्षेत्र की ऐसी हालत कभी नहीं हुई थी. अगर ऐसी ही स्थिति रही, तो पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य हम कैसे हासिल कर पायेंगे! ऐसे मेंआवश्यकता इस बात की है कि रोजगार व उत्पादन बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार तुरंत प्रभावी पहलकदमी करे.
प्रभाकर कुमार, मोतिहारी
