महिलाओं का अपमान निंदनीय

राजगढ़ की कलेक्टर निवेदिता द्वारा राजनीतिक पार्टी के एक कार्यकर्ता को थप्पड़ मारना निंदनीय है. लेकिन, प्रदेश के पूर्व मंत्री द्वारा (पूर्व मुख्यमंत्री की मौजूदगी में) भरे मंच से एक महिला के बारे में बेहद अशोभनीय बातें कहना सरासर नारी का अपमान है. इतनी तुच्छ और अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया कि न तो […]

राजगढ़ की कलेक्टर निवेदिता द्वारा राजनीतिक पार्टी के एक कार्यकर्ता को थप्पड़ मारना निंदनीय है. लेकिन, प्रदेश के पूर्व मंत्री द्वारा (पूर्व मुख्यमंत्री की मौजूदगी में) भरे मंच से एक महिला के बारे में बेहद अशोभनीय बातें कहना सरासर नारी का अपमान है. इतनी तुच्छ और अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया कि न तो समाचार चैनल पर दिखाया जा सकता है ना अखबारों में उस भाषा को छापा जा सकता है.
क्या बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ की बात करनेवाले और नारी की पूजा करनेवाले दल के एक पूर्व मंत्री द्वारा अभद्र भाषा भारत की समूची महिलाओं का अपमान नहीं है? अगर हमें महिला कलेक्टर की गलती पर विरोध करना था, तो उसके दूसरे तरीके अपनाये जा सकते थे. लेकिन क्या गंदगी के साथ नेताओं का भी गंदगी में शामिल हो जाना ठीक है? यह एक अनुशासित पार्टी व अपने को संस्कारवान पार्टी कहनेवाले के गुण तो कतई नहीं हैं!
हेमा हरि उपाध्याय, उज्जैन, मध्य प्रदेश

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