जुर्माने की जगह सुरक्षित यातायात की व्यवस्था हो

सड़क पर चलने के संदर्भ में बहुतेरे लोगों में सिविल सेंस की कमी दिखती है. संयम के अभाव में जहां थोड़ी जगह दिखी, चल देते हैं. गलत तरीके से ओवरटेक पर नियंत्रण नहीं हो पाता है. यातायात पुलिस भी हमेशा सक्रिय रहती नहीं है, जिसका खामियाजा आम लोगों को उठाना पड़ता है. इससे देश के […]

सड़क पर चलने के संदर्भ में बहुतेरे लोगों में सिविल सेंस की कमी दिखती है. संयम के अभाव में जहां थोड़ी जगह दिखी, चल देते हैं. गलत तरीके से ओवरटेक पर नियंत्रण नहीं हो पाता है. यातायात पुलिस भी हमेशा सक्रिय रहती नहीं है, जिसका खामियाजा आम लोगों को उठाना पड़ता है. इससे देश के अथाह समय, श्रम व संसाधन को क्षति पहुंचती है. सरकार को इस संदर्भ में ठोस नीति बनाने की आवश्यकता है.
सही तरीके से यातायात व्यवस्था का संचालन न हो पाने से मिनटों की दूरी घंटों में तय होती है और रेंगते वाहन के बीच यदि एंबुलेंस फंस जाये तो मरीज की मौत हो जाती है. सरकार में नये ट्रैफिक नियम लाकर अधिकतम जुर्माने की व्यवस्था की. लेकिन इसकी जगह यदि सुरक्षित यातायात की व्यवस्था की जाती तो देश की जनता का कहीं अधिक भला होता.
मिथिलेश कुमार, बलुआचक (भागलपुर)

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