बेरोजगारों की बढ़ती संख्या देश की प्रगति में बाधक

आज हमारे देश में बेरोजगारी काफी बढ़ गयी है. खासकर बिहार, झारखंड, उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश आदि राज्यों में बेरोजगार युवक-युवतियों की संख्या दिन पर दिन बढ़ती जा रही है. बेरोजगारी की बढ़ती समस्या निरंतर हमारी प्रगति, शांति और स्थिरता के लिए चुनौती बन रही है. देश के अधिकांश युवा आज नौकरी की तलाश में भटक रहा […]

आज हमारे देश में बेरोजगारी काफी बढ़ गयी है. खासकर बिहार, झारखंड, उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश आदि राज्यों में बेरोजगार युवक-युवतियों की संख्या दिन पर दिन बढ़ती जा रही है. बेरोजगारी की बढ़ती समस्या निरंतर हमारी प्रगति, शांति और स्थिरता के लिए चुनौती बन रही है. देश के अधिकांश युवा आज नौकरी की तलाश में भटक रहा है. एनसीआरबी की रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2018 में किसानों से ज्यादा बेरोजगारों ने आत्महत्या की है.

इससे यह ज्ञात हो रहा है कि बेरोजगारी धीरे-धीरे अभिशाप बनता जा रहा है. युवाओं को रोजगार के अवसर न मिलने से समाज में लूटपाट, चोरी, दंगा-फसाद की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं. हमारे समाज की एक और सबसे बड़ी समस्या यह है कि ज्यादातर युवा अपनी शिक्षा के बाद नौकरी करने के विषय में बहुत सोचते हैं.

राहुल राज, अमता, दरभंगा

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >