आजकल तमाम बच्चे गलत आदत की ओर हाथ बढ़ा रहे हैं. अगर अभिभावक चाहेंगे, तो इन पर रोकथाम लगा सकते हैं. बच्चों को लगातार काउंसेलिंग की जरूरत होती है.
स्कूल हो या घर हो या किसी भी परिवेश में बच्चे हों, अभिभावक को यह सोचना चाहिए कि बच्चे किस प्रकार प्रगति करें. अक्सर बच्चों पर दबाव बनाया जाता है कि वे सिर्फ पढ़ें, लेकिन स्कूलों को यह प्रबंध करना होगा कि बच्चे मनोरंजन के साथ पढ़ाई करें. आजकल सीबीएसई बोर्ड के जितने भी स्कूल हैं, बच्चे पर काफी ज्यादा दबाव देते हैं पढ़ाई के लिए. जिलाधिकारी को देखना चाहिए कि किस स्कूल में किस प्रकार पढ़ाई को लेकर कितना दबाव बनाया जा रहा है. इस पर रोक लगाकर स्वस्थ शिक्षा की पहल होनी चाहिए.
प्रियेश कुमार, मोतिहारी, बिहार
