जेएमम झारखंड में कांग्रेस और राजद के साथ मिलकर भाजपा की राह रोकने में सफल रहा. ऐसा इसलिए नहीं हुआ कि उसके नेतृत्व वाला गठबंधन कहीं अधिक मजबूत था, बल्कि इसलिए हुआ कि वह लोगों की नाराजगी का फायदा उठाने में सफल रहा. इसी के चलते भाजपा के कई मंत्री भी चुनाव हार गये.
बेहतर हो कि भाजपा नेतृत्व इसकी तह में जाये कि राज्यों में उसके मंत्री इतने अक्षम क्यों साबित हो रहे हैैं? उसे राज्यों में शासन-प्रशासन के कामकाज में बुनियादी बदलाव लाने के साथ ही इस पर भी ध्यान देना होगा कि असंतोष एवं गुटबाजी से कैसे बचा जाये? हार पर चिंतन का महत्व तभी है, जब पार्टी कार्यशैली में बदलाव लाये.
डॉ हेमंत कुमार, भागलपुर, बिहार
