मृदा स्वास्थ्य कार्ड जरूरी

मिट्टी में कई प्रकार के तत्व पाये जाते हैं, जिनका संतुलित अनुपात में होना बहुत जरूरी है, ताकि हम इस मिट्टी से शुद्ध अनाज, फल आदि उपजा सकें, बिना फर्टिलाइजर का इस्तेमाल किये. आज ज्यादा पैदावार के लिए खेतों में खूब फर्टिलाइजर डाला जाता है, जो घूम कर हम तक ही लौट आता है. इसके […]

मिट्टी में कई प्रकार के तत्व पाये जाते हैं, जिनका संतुलित अनुपात में होना बहुत जरूरी है, ताकि हम इस मिट्टी से शुद्ध अनाज, फल आदि उपजा सकें, बिना फर्टिलाइजर का इस्तेमाल किये. आज ज्यादा पैदावार के लिए खेतों में खूब फर्टिलाइजर डाला जाता है, जो घूम कर हम तक ही लौट आता है. इसके परिणामस्वरूप जानलेवा रोग होते हैं.
इन सब से भविष्य में छुटकारा पाने के लिए मृदा स्वास्थ्य कार्ड जैसी योजना लायी गयी है, ताकि हर किसान अपनी मिट्टी से भली-भांति परिचित हो, ताकि बेहिसाब फर्टिलाइजर के इस्तेमाल से बचा जा सके. कुल 16 प्रकार के मानकों के आधार पर मिट्टी के स्वास्थ की जांच की जाती है. बिहार में इस योजना का लाभ लाखों किसानों ने लिया है. जैविक खेती को बढ़ाने में मृदा कार्ड अहम भूमिका निभा सकता है. इसलिए हर किसान को मृदा स्वास्थ कार्ड अवश्य बनवाना चाहिए.
अमर यादव, धनबाद, झारखंड

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