क्या ''टू चाइल्ड पॉलिसी'' सही है

हमारे देश में जनसंख्या एक बड़ी समस्या है. अधिक जनसंख्या से संसाधनों में कमी, पर्यावरणीय विपदाएं, बेरोजगारी जैसी समस्याएं बढ़ती हैं.इसके नियंत्रण के लिए असम ने ‘टू चाइल्ड पॉलिसी’ को लाने की घोषणा की. असम में कहा गया है कि साल 2021 से दो से अधिक बच्चे होने पर सरकारी नौकरी नहीं मिलेगी. यहां तक […]

हमारे देश में जनसंख्या एक बड़ी समस्या है. अधिक जनसंख्या से संसाधनों में कमी, पर्यावरणीय विपदाएं, बेरोजगारी जैसी समस्याएं बढ़ती हैं.इसके नियंत्रण के लिए असम ने ‘टू चाइल्ड पॉलिसी’ को लाने की घोषणा की. असम में कहा गया है कि साल 2021 से दो से अधिक बच्चे होने पर सरकारी नौकरी नहीं मिलेगी. यहां तक कि तीन बच्चों के मां-बाप पंचायत का चुनाव भी नहीं लड़ सकते. असम के अलावा भी कई राज्यों में भी ‘टू चाइल्ड पॉलिसी’ चल रही है.
केंद्र स्तर पर भी एक पॉपुलेशन कंट्रोल बिल लाने की कोशिश की जा रही है शायद. जनसंख्या नियंत्रण का यह तरीका क्या सही है? ऐसे में अगर किसी पुरुष को चुनाव लड़ना हो और यदि उसकी पत्नी ने तीसरे बच्चे को जन्म दिया हो, तो फिर डर है कि वह उस पत्नी को तलाक दे देगा. उस महिला के लिए तो मुसीबत हो जायेगी. आपको ध्यान रखना चाहिए कि चीन की ‘वन चाइल्ड पॉलिसी’ भी एक बड़ी विफलता साबित हुई थी.
संतोष कुमार साह, छपरा, बिहार

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