दुष्कर्म के खिलाफ सख्त कानून बनाये सरकार

हमारे देश में महिलाएं अब भी असुरक्षित महसूस कर रही हैं. जबकि, आजादी के 70 साल बीत चुके हैं. महिलाओं व छात्राओं को घर से निकलना मुश्किल हो गया है. उन्हें डर लगता है कि कहीं मेरे साथ भी दुष्कर्म न हो जाये. दिन-प्रतिदिन यह मसला हमारे देश में आम बात होती जा रही है. […]

हमारे देश में महिलाएं अब भी असुरक्षित महसूस कर रही हैं. जबकि, आजादी के 70 साल बीत चुके हैं. महिलाओं व छात्राओं को घर से निकलना मुश्किल हो गया है. उन्हें डर लगता है कि कहीं मेरे साथ भी दुष्कर्म न हो जाये.

दिन-प्रतिदिन यह मसला हमारे देश में आम बात होती जा रही है. आखिर जिम्मेदार कौन है हमारा समाज या पुलिस प्रशासन. पहले दुष्कर्म करते हैं, फिर निर्दयी तरीके से हत्या कर देते हैं. दुष्कर्म के आरोपित के लिए भी हमारे देश में वकील वकालत करते हैं.
आखिर हमारी संस्कृति कहां चली गयी. इसके लिए सरकार सख्त कानून बनाये, मगर अफसोस वह कुछ नहीं कर पा रहे हैं. अगर यही स्थिति हमेशा बनी रही तो हमारे आने वाली पीढ़ी इससे भी बदतर जिंदगी जियेगी. हमारे देश में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का कोई मतलब ही नहीं निकलता है.
सुमन सौरभ, न्यू जाफर नगर (बेगूसराय)

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