महिलाओं के विरुद्ध हिंसा चिंताजनक

प्रत्येक वर्ष 25 नवंबर को महिलाओं के खिलाफ हिंसा के उन्मूलन के लिए अंतरराष्ट्रीय दिवस मनाया जाता है. दुनियाभर में महिलाएं बलात्कार, घरेलू हिंसा और हिंसा के अन्य रूपों की शिकार होती रही हैं. इसकी रोकथाम एवं जागरूकता फैलाने के लिए संयुक्त राष्ट्र इस दिवस का आयोजन करता है. पहले कहा जा रहा था कि […]

प्रत्येक वर्ष 25 नवंबर को महिलाओं के खिलाफ हिंसा के उन्मूलन के लिए अंतरराष्ट्रीय दिवस मनाया जाता है. दुनियाभर में महिलाएं बलात्कार, घरेलू हिंसा और हिंसा के अन्य रूपों की शिकार होती रही हैं.
इसकी रोकथाम एवं जागरूकता फैलाने के लिए संयुक्त राष्ट्र इस दिवस का आयोजन करता है. पहले कहा जा रहा था कि शिक्षा के प्रचार-प्रसार से पुरुष-प्रधान समाज की सोच और मानसिकता में परिवर्तन आयेगा. मुझे नहीं लगता है कि इससे दुनिया में कुछ भी बदला है.
पहले मैं सोचता था कि नारी के प्रति हिंसा केवल गरीब, अशिक्षित एवं धर्मांधता से ग्रस्त समाज में होती है. मगर मेरा भ्रम उस समय टूट गया, जब पिछले सप्ताहांत में फ्रांस में लाखों लोग सड़कों पर लैंगिक हिंसा के खिलाफ प्रदर्शन करते मीडिया में दिखे. फ्रांस में 2017 से अब तक 367 महिलाओं को उसके पुरुष साथियों द्वारा मार दिया गया है. जब समृद्ध एवं शिक्षित राष्ट्र का यह हाल है, तो गरीबी की मार झेल रहे देशों का क्या हाल होगा?
– जंग बहादुर सिंह, जमशेदपुर, झारखंड

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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