किसानों को मिले मुआवजा

देशभर में किसानों की हालत ठीक नहीं है. हर राज्य में किसान किसी न किसी मसले को लेकर परेशान हैं. उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले के किसान अपनी जमीन के अधिग्रहण के बाद निर्धारित मुआवजे की मांग कर रहे हैं. इन गरीब व कमजोर किसानों की मांग पर ध्यान देने की बजाय पुलिस द्वारा बेरहमी […]

देशभर में किसानों की हालत ठीक नहीं है. हर राज्य में किसान किसी न किसी मसले को लेकर परेशान हैं. उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले के किसान अपनी जमीन के अधिग्रहण के बाद निर्धारित मुआवजे की मांग कर रहे हैं.
इन गरीब व कमजोर किसानों की मांग पर ध्यान देने की बजाय पुलिस द्वारा बेरहमी से लाठियां बरसाती है. इससे कई किसानों को गंभीर चोटें भी आयीं. ये गरीब किसान अपनी अधिग्रहित जमीन के बदले सरकार और कानून द्वारा निर्धारित किया गया वाजिब मुआवजा ही मांग रहे थे, फिर इन्हें लाठियों से पीटने की जरूरत क्यों हुई!
अगर लोकतंत्र में आम जनों के वोट से बनी सरकार इनकी वाजिब मांगों को नहीं सुनेगी, तो फिर उनकी कौन सुनेगा? किसानों को हम अन्नदाता कहते हैं, ऐसे में उस अन्नदाता के साथ बदसलूकी ठीक नहीं है. उत्तर प्रदेश सरकार को चािहए कि वह अपने किसानों को उनकी जमीन के बदले वाजिब मुआवजा दे, ताकि किसान अपना और अपने पूरे परिवार का अच्छी तरह से भरण-पोषण कर सकें.
हेमा हरि उपाध्याय, उज्जैन, मध्य प्रदेश

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