प्राणघातक रोग से बचे भारत

हाल में कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी के निराकरण के लिए एक बहुत ही सुखद समाचार पढ़ने को मिला. विज्ञान एवं तकनीक, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन संबंधी संसद की स्थायी समिति ने कैंंसर की रोकथाम के लिए राज्यसभा के सभापति को अपने कुछ अमूल्य सुझाव दिये हैं, ताकि उस पर अमल करके इस जानलेवा बीमारी […]

हाल में कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी के निराकरण के लिए एक बहुत ही सुखद समाचार पढ़ने को मिला. विज्ञान एवं तकनीक, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन संबंधी संसद की स्थायी समिति ने कैंंसर की रोकथाम के लिए राज्यसभा के सभापति को अपने कुछ अमूल्य सुझाव दिये हैं, ताकि उस पर अमल करके इस जानलेवा बीमारी से हर साल सोलह लाख मरीजों में से 68 प्रतिशत यानी दस लाख नब्बे हजार के लगभग लोग मौत के मुंंह में चले जाते हैं, उनको बचाया जा सके.
समिति ने सरकार को सुझाव दिया है कि देश में जगह-जगह मुंबई के टाटा मेमोरियल कैंसर शोध संस्थान एवं उपचार केंद्र जैसे अस्पताल खोले, इसकी दवाओं को जनता को सस्ते रेट पर उपलब्ध कराने की व्यवस्था करे तथा सरकारी अस्पतालों में कैंसर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की नियुक्ति करे. इसके लिए कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी फंडिंग के जरिये बड़ी कंपनियों से मदद ले, ताकि हर वर्ष इतनी अधिक संख्या में इस प्राणघातक रोग से भारत की आम गरीब जनता मौत के मुंह में न जाने पाये.
निर्मल कुमार शर्मा, गाजियाबाद

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