झारखंड में उपभोक्ता फोरम का हाल बेहाल

झारखंड राज्य में उपभोक्ता फोरम का खस्ता हाल है. स्थिति यह है कि राजधानी रांची समेत 12 जिला में अध्यक्ष नहीं हैं, वहीं कई जिलों में सदस्य तक नहीं हैं. अध्यक्ष नहीं होने की वजह से शिकायतों का निपटान नहीं हो पा रहा है. साथ ही सदस्य नहीं होने के कारण वाद दर्ज भी नहीं […]

झारखंड राज्य में उपभोक्ता फोरम का खस्ता हाल है. स्थिति यह है कि राजधानी रांची समेत 12 जिला में अध्यक्ष नहीं हैं, वहीं कई जिलों में सदस्य तक नहीं हैं. अध्यक्ष नहीं होने की वजह से शिकायतों का निपटान नहीं हो पा रहा है.
साथ ही सदस्य नहीं होने के कारण वाद दर्ज भी नहीं हो पा रहा. जिलों में शिकायतों की सुनवाई पूरी तरह बंद हो चुकी है. अलबत्ता आवेदनों की फेहरिस्त लंबी होती जा रही है. ऐसे में अनेक उपभोक्ताओं ने तो अपने दावे को भुला-सा दिया है. वैसे भी प्रावधानानुसार 90 दिनों के अंदर सुनवाई पूरी नहीं होने की स्थिति में उन्हें न्याय से वंचित होना ही पड़ेगा.
समय पर सुनवाई नहीं होने पर साक्ष्य के समाप्त होने की भी आशंका रहती है और साक्ष्य के अभाव में इंसाफ की उम्मीद ही बेमानी है. सूबे के 2100 से अधिक उपभोक्ताओं को इंसाफ का इंतेज़ार है. अत: उपभोक्ता फोरम को शीघ्रातिशीघ्र दुरुस्त करे सरकार.
सुरजीत झा, गोड्डा

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