पॉलीथिन और सिंगल यूज प्लास्टिक आज एक बहुत बड़ी समस्या बन गयी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा चलाया जा रहा अभियान तभी सफल होगा, जब हर एक आदमी अपनी भागीदारी दे. डिस्पोजल प्लेट, ग्लास, चम्मच, स्ट्राॅ जो कि आज सबसे ज्यादा कचड़ा फैलाते हैं, उसका इस्तेमाल तुरंत बंद करने का कानून बनाना चाहिए और शहर के हर वैवाहिक भवन में, होटलों में, धर्मशालाओं में शादी विवाह एवं अन्य सभी तरह के आयोजनों में इसके उपयोग पर प्रतिबंध लगाने के बारे में विचार करना चाहिए.
जिस तरह से झारखंड राज्य में पॉलीथिन पर प्रतिबंध है, उसी तरह से कम से कम हर आयोजन स्थल को यह हिदायत देनी चाहिए कि वे यह सुनिश्चित करें कि जो उनके यहां बुकिंग करवा रहे हैं, वे किसी भी प्रकार के पॉलीथिन और सिंगल यूज डिस्पोजेबल प्लेट्स आदि का इस्तेमाल नहीं करेंगे. सिर्फ सरकार के भरोसे ये काम संभव नहीं है, समाज को, हर तबके को धरती के हित में आगे आना होगा.
विक्रांत सराफ, रातू रोड रांची
