क्या देश आर्थिक मंदी की तरफ बढ़ रहा है, इस सवाल को टाला नहीं जा सकता. अर्थव्यवस्था धीरे-धीरे सरकती जा रही है और संकट का रूप लेती जा रही है, क्योंकि पिछले कुछ दिनों से अर्थव्यवस्था के अलग-अलग क्षेत्रों से बुरी खबर आ रही है.
ऑटो उद्योगों में मंदी, मजदूरों की छंटनी, डेयरी उत्पादन में बदहाली एवं कपड़े उद्योगों की हालत दिन-प्रतिदिन बदतर होती जा रही है. हमारी अर्थव्यवस्था जो कभी नौ प्रतिशत से 10% की रफ्तार से बढ़ रही थी अब पांच प्रतिशत तक सिमट गयी.
केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) के आंकड़ों के मुताबिक देश की जीडीपी ग्रोथ रेट 5.8% से घटकर पांच फीसदी हो गयी है. कृषि विकास दर पिछले साल के 5.1% के मुकाबले दो फीसदी पर आ गयी है. वहीं, मैन्युफैक्चरिंग में भी भारी गिरावट दर्ज की गयी है. हाल ही में कई आंकड़े आये हैं, जो मंदी की पुष्टि करते हैं. यह देश के लिए चिंता का विषय है.
डॉ अखिलेश कुमार, गौरक्षणी (रोहतास)
