ई-रिक्शा पर पाबंदी समाधान नहीं

ई-रिक्शा एक पर्यावरण हितैषी साधन है. इससे न तो ध्वनि प्रदूषण होता है, न ही वायु प्रदूषण. लोगों के लिए सुविधाजनक भी है और सस्ता भी. अलबत्ता, रांची के महात्मा गांधी मार्ग पर ई-रिक्शा पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का नगर निगम का फैसला मुझे उचित प्रतीत नहीं होता है. सड़क जाम होने के कई कारण […]

ई-रिक्शा एक पर्यावरण हितैषी साधन है. इससे न तो ध्वनि प्रदूषण होता है, न ही वायु प्रदूषण. लोगों के लिए सुविधाजनक भी है और सस्ता भी. अलबत्ता, रांची के महात्मा गांधी मार्ग पर ई-रिक्शा पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का नगर निगम का फैसला मुझे उचित प्रतीत नहीं होता है.
सड़क जाम होने के कई कारण हैं. इनमें यातायात के नियमों का पालन नहीं करने से लेकर अतिक्रमण तक कि समस्या शामिल है. ई-रिक्शा के चलने से परिवार के साथ शॉपिंग करने में लोगों को काफी सुविधा हो रही है. लोग किसी एक पार्किंग में अपने वाहन खड़े कर आसानी से महात्मा गांधी मार्ग पर अपने काम निबटा लेते हैं.
मैं इस बात का पक्षधर हूं कि परमिट के अंतर्गत ही सीमित संख्या में ई-रिक्शा को चलने दिया जाए. सरकार को कोई भी नया फैसला लेने से पहले थोड़े दिन के लिए ट्रायल लेना चाहिए. नगर निगम बस का ट्रायल ले कर देख ले. इससे प्रदूषण की समस्या बढ़ेगी. साथ ही जाम की समस्या से छुटकारा नहीं मिलेगा, बल्कि आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा.
फरहान संबुल, डोरंडा, रांची

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