वैश्विक मंदी का असर नहीं

वैश्विक मंदी से निबटने के लिए ठोस कदम उठाते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कुछ महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं. उन्होंने विदेशी निवेशों पर से अधिभार हटाया, तो बैंकों को भी 70000 करोड़ का फंड उपलब्ध कराने की बात कही. बैंकों से मिलने वाले लोन को सीधे रेपो रेट से जोड़ने की घोषणा की, जिससे […]

वैश्विक मंदी से निबटने के लिए ठोस कदम उठाते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कुछ महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं. उन्होंने विदेशी निवेशों पर से अधिभार हटाया, तो बैंकों को भी 70000 करोड़ का फंड उपलब्ध कराने की बात कही. बैंकों से मिलने वाले लोन को सीधे रेपो रेट से जोड़ने की घोषणा की, जिससे लोगों को सस्ते दर पर लोन मिल सकेंगे.

जीएसटी रिटर्न अब से 30 दिनों में निश्चित किया गया है. करदाताओं को राहत देते हुए अब इनकमटैक्स जांच संबंधी पत्र केंद्रीयकृत भेजे जायेंगे, जिनका निबटारा ई-मेल के जरिये किया जा सकेगा. वैश्विक मंदी की खबरों के बीच भारत सदैव सक्षम हो कर खड़ा रहेगा.

इसका आधार यहां की उपजाऊ भूमि और एक के बाद एक आते त्योहार हैं. त्योहारों की खरीदारी व छोटी-छोटी दुकानों के व्यापारियों के लेन-देन से हर व्यक्ति कुछ-न-कुछ लाभ अर्जित करता है. सबकी आजीविका चलती रहती है. लिहाजा, विश्व की बड़ी-से-बड़ी मंदी का भी भारत पर कोई खास प्रभाव नहीं पड़ता.

मंगलेश सोनी, धार, मध्यप्रदेश

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