डेटा सुरक्षा सबसे जरूरी

आने वाले समय में डेटा की सुरक्षा एक बड़ी चुनौती बनने जा रही है. आने वाले समय में युद्ध की सामग्री, अत्याधुनिक हथियारों की जानकारी, खुफिया रिपोर्ट, सेना के बेस कैंप, सुरक्षा एजेंसियों के मुख्यालय, अतिमहत्वपूर्ण स्थलों की जानकारी सबकुछ कंप्यूटर में रहती है. इसे दुश्मन देश के हैकरों से बचाना सबसे अहम काम होगा. […]

आने वाले समय में डेटा की सुरक्षा एक बड़ी चुनौती बनने जा रही है. आने वाले समय में युद्ध की सामग्री, अत्याधुनिक हथियारों की जानकारी, खुफिया रिपोर्ट, सेना के बेस कैंप, सुरक्षा एजेंसियों के मुख्यालय, अतिमहत्वपूर्ण स्थलों की जानकारी सबकुछ कंप्यूटर में रहती है.
इसे दुश्मन देश के हैकरों से बचाना सबसे अहम काम होगा. अब तो देश के हरेक नागरिक की जानकारी व बैंक डिटेल भी ऑनलाइन हैं. इनको सुरक्षित रखने के लिए सरकार को बड़े कदम उठाने पड़ेंगे. 2001 में अमेरिकी हैकरों ने चीन की जांच एजेंसी व कई मुख्य बैंकों के साइट को हैक कर लिया था.
इसी प्रकार चीन के भी हैकर्स ने अमेरिकी यातायात विभाग व कुछ एजेंसियों की साइट को हैक कर लिया था, जिससे एक तरह से साइबर युद्ध के हालात बन गये थे. इसलिए सजग रहने की जरूरत है, क्योंकि अब हैकिंग को एक हथियार के रूप में उपयोग किया जाने लगा है.
मंगलेश सोनी, धार, मध्यप्रदेश

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >