जंगल के राजा का घर आबाद है

एक हवा के ताजे झोंके जैसी सुखद समाचार मिला कि भारतीय जंगलों में जीव जगत के इकोसिस्टम के शीर्ष पर विराजित भारतीय आन, बान व शान के प्रतीक जंगल के राजा ‘बाघ’ की संख्या 30 प्रतिशत तक बढ़ कर अब 2967 तक हो गयी है, जबकि 2006 में बाघों की कुल संख्या मात्र 1411 थी. […]

एक हवा के ताजे झोंके जैसी सुखद समाचार मिला कि भारतीय जंगलों में जीव जगत के इकोसिस्टम के शीर्ष पर विराजित भारतीय आन, बान व शान के प्रतीक जंगल के राजा ‘बाघ’ की संख्या 30 प्रतिशत तक बढ़ कर अब 2967 तक हो गयी है, जबकि 2006 में बाघों की कुल संख्या मात्र 1411 थी. इसके लिए भारत सरकार के ईमानदारी से किये गये प्रयास और वन विभाग के अधिकारियों / कर्मचारियों की अथक मेहनत के साथ-साथ अवैध तस्करों और शिकारियों से उन्हें बचाने के कठिन प्रयास के चलते यह मुकाम हासिल हो पाया है.

केंद्रीय पर्यावरण मंत्री के अनुसार इस गणना में 15000 कैमरे 18 राज्यों के 80000 वर्ग किमी. के विस्तृत क्षेत्र में लगाकर एम-स्टीप्स साफ्टवेयर पद्धति से जियो टैगिंग के माध्यम से बाघों की सटीक गणना की गयी है. जंगल के राजा का घर आबाद रखने के लिए कार्यरत टीम को इस सफलता के लिए बधाई.

निर्मल कुमार शर्मा, गाजियाबाद

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >