अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कश्मीर के मुद्दे को लेकर भारत-पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता में शामिल होने की बात अंतरराष्ट्रीय मंच से कही है.
इससे भारत की राजनीति गरमा गया. संसद में यह मामला काफी जोर-शोर से उठा, जिस पर केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ को बयान देना पड़ा. ऐसा इसलिए हुआ कि सभी जानते हैं कि शिमला समझौते के बाद भारत ने कश्मीर के मसले पर किसी भी प्रकार के तीसरे पक्ष की मध्यस्थता करने की नीति का हमेशा विरोध किया है.
ऐसे में दुनिया के सबसे शक्तिशाली व्यक्ति द्वारा गलत बयानबाजी हैरानी ही उत्पन्न करती है या दूसरी ओर कहीं ऐसा तो न हुआ कि हुआ कि भारत की विदेश नीति ही बदल गयी. इसको लेकर देश के राजनीतिक दलों ने तरह-तरह की बात करनी शुरू कर दी है. कश्मीर समस्या को लेकर सरकार की गंभीरता पर भी सवाल उठने लगे हैं.
मिथिलेश कुमार, बलुआचक (भागलपुर)
