जिस तरह आज पूरे विश्व में प्लास्टिक उत्पादों को लेकर चिंता बढ़ी है, वह मानव जाती के लिए एक शुभ संकेत है. देश का हर शहर प्लास्टिक के कचरों से सराबोर है. नालियों के जाम की मुख्य वजह भी यही प्लास्टिक है.
पशुओं की मौत का कारण भी यही उत्पाद है. हर जगह जहां भी नजर जाता है, प्लास्टिक की ही भरमार है, जो मानव जीवन के लिए बेहद खतरनाक है. कई तरह की गंभीर बीमारियों की मुख्य वजह पॉलीथिन के थैले ही हैं. हालांकि सरकार द्वारा प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाया गया है, लेकिन धरातल पर पालन होता दिख नहीं रहा है. आज समय की मांग है कि प्लास्टिक पर लगे प्रतिबंध को कारगर ढंग से लागू कराया जाये, ताकि धरती स्वस्थ बन सके.
राजेश कुमार सिंह, एकमा (सारण)
