भोजपुरी गीतों में अश्लीलता पर रोक लगाने की हो पहल

हम सभी इस बात से वाकिफ हैं कि भोजपुरी में लोकगीतों की एक समृद्ध परंपरा रही है. लेकिन आजकल भोजपुरी गीतों में अश्लीलता इतनी अधिक हो गयी है कि लोग सुन नहीं सकते हैं. आज चारों तरफ विमर्शों का दौर है. इसमें भी सबसे संवेदनशील मुद्दा स्त्रियों का है. ऐसी स्थिति में आज का जो […]

हम सभी इस बात से वाकिफ हैं कि भोजपुरी में लोकगीतों की एक समृद्ध परंपरा रही है. लेकिन आजकल भोजपुरी गीतों में अश्लीलता इतनी अधिक हो गयी है कि लोग सुन नहीं सकते हैं. आज चारों तरफ विमर्शों का दौर है. इसमें भी सबसे संवेदनशील मुद्दा स्त्रियों का है. ऐसी स्थिति में आज का जो गीतकार हैं वह स्त्रियों को अश्लिलता के कठघरे में बड़ी आसानी से खड़ा कर देते हैं. यह हमारे सामाज के लिए शर्मनाक है.
ऐसा कहना बिल्कुल भी गलत नहीं होगा कि इन्हीं सब कारणों के वजह से हमारे समाज में छेड़छाड़, दुष्कर्म आदि घटनाएं रोज हो रही हैं. इन्हीं सब कारणों से हमारा समाज पीछे जा रहा है. इसलिए गीतकारों को भी भोजपुरी के अश्लील गानों को लिखना बंद कर देना चाहिए. साथ ही गायक भी ऐसी गीत को गाना बंद कर दें.
अवधेश कुमार, मोतिहारी (पूर्वी चंपारण)

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