स्कूलों में लाइब्रेरी साइंस की शुरू की जाये पढ़ाई

एक स्वस्थ समाज के लिए अच्छी लाइब्रेरी होना जरूरी है. इतिहास गवाह है कि बादशाहों ने पुस्तकालय के महत्व को समझा था. हुमायुं पुस्तक प्रेमी था, वह युद्ध मे भी एक लाइब्रेरी ले कर जाता था. आजाद भारत में मद्रास प्रांत में पुस्तकालय कानून पहली बार बना. बाद में कई राज्यों में कानून बना और […]

एक स्वस्थ समाज के लिए अच्छी लाइब्रेरी होना जरूरी है. इतिहास गवाह है कि बादशाहों ने पुस्तकालय के महत्व को समझा था. हुमायुं पुस्तक प्रेमी था, वह युद्ध मे भी एक लाइब्रेरी ले कर जाता था. आजाद भारत में मद्रास प्रांत में पुस्तकालय कानून पहली बार बना. बाद में कई राज्यों में कानून बना और पुस्तकालय आंदोलन ने जोर पकड़ा.
डॉ रंगनाथन के अथक प्रयास से लाइब्रेरी साइंस एक स्वतंत्र विषय के रूप मे देश के कई विश्वविद्यालय मे पढ़ाया जाने लगा. लेकिन आज भी स्कूलों मे इसकी विषय के रूप मे पढ़ाई नहीं होती. आज बदलते दौर मे लाइब्रेरी साइंस को एक अलग विंग के रूप महत्व देने की जरूरत है. इसकी शुरुआत स्कूल से की जा सकती है.
राजेश कुमार सिंह, एकमा (सारण)

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat khabar digital desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >