तीन तलाक पर विरोध दुर्भाग्यपूर्ण

तीन तलाक पर प्रतिबंध के लिए केंद्रीय कानून मंत्री ने हंगामे के बीच नया विधेयक लोकसभा में पेश किया. विपक्ष दलों ने इसका विरोध किया. दरअसल, पिछले साल दिसंबर में लोकसभा में यह बिल पास हुआ था और राज्यसभा में पेंडिंग था. इस बीच लोकसभा भंग हो गयी, तो बिल भी खत्म हो गया. लिहाजा […]

तीन तलाक पर प्रतिबंध के लिए केंद्रीय कानून मंत्री ने हंगामे के बीच नया विधेयक लोकसभा में पेश किया. विपक्ष दलों ने इसका विरोध किया. दरअसल, पिछले साल दिसंबर में लोकसभा में यह बिल पास हुआ था और राज्यसभा में पेंडिंग था.
इस बीच लोकसभा भंग हो गयी, तो बिल भी खत्म हो गया. लिहाजा नये सिरे से इस बिल को लाया गया. सोनिया गांधी महिला हैं और अपनी पार्टी की शीर्ष नेता भी, पर उनकी पार्टी लोकसभा में महिला विरोधी हो रही है. असदुद्दीन ओवैसी भले कह लें कि हमारे पास पहले ही घरेलू हिंसा के लिए कानून और मुस्लिम मैरिज एक्ट हैं, मगर सच यही है कि ये पर्याप्त नहीं हैं.
तीन तलाक के पक्ष में मुस्लिम महिलाएं भी हैं और मुस्लिम समाज के प्रबुद्ध लोग भी. यह लोकसभा चुनाव के दौरान भी दिखा. कुल मिला कर लोकसभा में विरोध की यह स्थिति दुर्भाग्यपूर्ण है.
अमन सिंह, प्रेमनगर, बरेली

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >