बिहार में खासकर मुजफ्फरपुर में एक रहस्यमयी बीमारी ने कई माता-पिता से उनके कलेजे के टुकड़े को सदा के लिए छीन लिया है. सबसे दुखद है कि यह सिलसिला बदस्तूर जारी है. लोग इस रहस्यमयी बीमारी को चमकी बुखार कह रहे हैं, तो डाॅक्टरों ने इसे एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिन्ड्रोम यानी एइएस का नाम दिया है. डराने के लिए इसका नाम ही काफी है.
इस समय आइएमए, प्रशासन, सरकार और उनका आयुष मंत्रालय इस बीमारी के अचूक इलाज पर अपनी सक्रियता दिखाने में असमर्थ प्रतीत हो रहा है. अभी भी प्रशासन और सरकार अस्पतालों के इंफ्रास्ट्रक्चर को ही ठीक करने में असमर्थ लग रही है.
बीमारी के कारण और निवारण पर कोई रिसर्च और परिणाम नहीं निकल कर आ रहे हैं. क्या यही हमारी चिकित्सा जगत की सफलता है? क्या हमारी सरकार और ईश्वर का दर्जा पानेवाले डाॅक्टर इन मासूमों को यूं ही काल का ग्रास बनने देंगे?
देवेश कुमार ‘देव’, गिरिडीह
