मुजफ्फरपुर में महामारी का रूप ले चुके चमकी बुखार के चलते अबतक 100 से अधिक बच्चों की मौतें हो चुकी हैं. मौसम में तल्खी और हवा में नमी की अधिकता के कारण होनेवाली यह बीमारी हर साल इसी मौसम में मुजफ्फरपुर और इसके आसपास के इलाकों के बच्चों को अपनी चपेट में लेती है.
एसकेएमसीएच के आंकड़ों के मुताबिक इस बीमारी से साल 2012 में 120, 2013 में 39, 2014 में 90, 2015 में 11, 2016 में 4, 2017 में 11 और 2018 में 7 बच्चों की जान गयी थी, लेकिन इस साल ये आंकड़े बढ़ रहे हैं. 24 सालों में इन मौतों से बचने के लिए कोई विशेष शोध या उपाय नहीं किये गये हैं. सरकार कहती है कि लोगों को इस बीमारी को लेकर जागरूक होना होगा. कोई इनसे पूछे अगर जागरूकता ही बचाव है तो जागरूकता कौन फैलायेगा?
नवीन के यादव, मेहसी(पूर्वी चंपारण)
