गोड्डा में बिजली को लेकर हाहाकार

गोड्डा में विद्युत संचरण व्यवस्था विगत कई वर्षों से चौपट है. एक तरफ जहां विद्यार्थियों की पढ़ाई पूरी तरह बाधित हो रही है, वहीं इस भीषण गर्मी में अस्वस्थ नवजातों का क्रंदन कलेजा चीर देता है. प्रत्येक अस्पताल व शिशु रोग विशेषज्ञ के क्लिनिक के बाहर रोते-बिलखते बच्चों को गोद में लिये माता-पिताओं की भीड़ […]

गोड्डा में विद्युत संचरण व्यवस्था विगत कई वर्षों से चौपट है. एक तरफ जहां विद्यार्थियों की पढ़ाई पूरी तरह बाधित हो रही है, वहीं इस भीषण गर्मी में अस्वस्थ नवजातों का क्रंदन कलेजा चीर देता है. प्रत्येक अस्पताल व शिशु रोग विशेषज्ञ के क्लिनिक के बाहर रोते-बिलखते बच्चों को गोद में लिये माता-पिताओं की भीड़ स्थिति की विकरालता को उजागर करती है.
विभाग के कार्यपालक अभियंता सहित अन्य सक्षम पदाधिकारी संतोषजनक जवाब देने में भी असमर्थ हैं. कथित मेंटेनेंस के नाम पर मनमाने तरीके से बिजली काटी जा रही है.
गोड्डा के ललमटिया खदान के कोयले से पड़ोसी राज्य के जिले बीस से बाइस घंटे रोशन हो रहे हैं और गोड्डा में मात्र तीन से चार घंटे बिजली रहती है. गोड्डा की जनता राज्य सरकार को त्राहिमाम संदेश देकर त्वरित संज्ञान की विनती करती है.
सुरजीत झा, गोड्ड

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