डीएलएड का अंकपत्र शीघ्र उपलब्ध कराया जाये

बिहार के सरकारी एवं निजी प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों की स्थिति निराली है. वर्ष 2014 से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले शिक्षार्थी अब तक इस पाठ्यक्रम को पूर्ण नहीं कर पाये हैं, जबकि यह पाठ्यक्रम दो वर्षीय है. मैं बात कर रहा हूं बिहार के डीएलएड पाठ्यक्रम की. पाठ्यक्रम 2014 से 2019 तक के पांच सत्रों […]

बिहार के सरकारी एवं निजी प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों की स्थिति निराली है. वर्ष 2014 से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले शिक्षार्थी अब तक इस पाठ्यक्रम को पूर्ण नहीं कर पाये हैं, जबकि यह पाठ्यक्रम दो वर्षीय है. मैं बात कर रहा हूं बिहार के डीएलएड पाठ्यक्रम की.
पाठ्यक्रम 2014 से 2019 तक के पांच सत्रों की परीक्षा वर्ष 2018 और 19 में हुई, जिसमें 2018 तक के छात्रों की परीक्षा का प्रकाशन जनवरी, 2019 को कर दिया गया.
लेकिन, आज तक इस परीक्षा का अंक पत्र, प्रमाणपत्र शिक्षार्थियों को उपलब्ध नहीं कराया गया. डीएलएड के इन पांच सत्रों के सभी प्रशिक्षु सरकारी विद्यालयों के शिक्षक हैं. यदि उन्हें समय से अंक पत्र और प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं कराया जाता है तो उनकी नौकरी पर भी खतरा आ सकता है.
टीपू चौधरी, बल्लीपुर (समस्तीपुर)

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