”वोट का अधिकार” से देश को करें सशक्त

लोकतंत्र सरकार का एक ऐसा रूप है, जिसमें शासकों का चुनाव देश की जनता करती है. इसमें अंतिम निर्णय लेने की शक्ति लोगों के द्वारा चुने हुए प्रतिनिधियों के पास ही होती है. एक स्वस्थ लोकतांत्रिक सरकार संवैधानिक कानून और नागरिक अधिकारों द्वारा खींची लक्ष्मण रेखाओं के भीतर ही काम करती है. तत्पश्चात लोकतंत्र के […]

लोकतंत्र सरकार का एक ऐसा रूप है, जिसमें शासकों का चुनाव देश की जनता करती है. इसमें अंतिम निर्णय लेने की शक्ति लोगों के द्वारा चुने हुए प्रतिनिधियों के पास ही होती है.

एक स्वस्थ लोकतांत्रिक सरकार संवैधानिक कानून और नागरिक अधिकारों द्वारा खींची लक्ष्मण रेखाओं के भीतर ही काम करती है. तत्पश्चात लोकतंत्र के इस महापर्व में हर वयस्क नागरिक को संविधान में वर्णित मतदान का अधिकार का उपयोग करते हुए सच्चे और ईमानदार प्रतिनिधियों को संसद में स्थान आवंटित करवाना चाहिए, ताकि वह देश को सही दिशा में विकास के पहिये को गति प्रदान करते रहे. जिस देश का लोकतंत्र जितना स्वस्थ रहेगा, वह देश उतना ही सशक्त और तरक्की के मार्ग पर गतिमान रहेगा.

अभिनव कुमार, लोहिया नगर (बेगूसराय)

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >