पुलवामा पर राजनीति न हो

विपक्ष के कई नेताओं ने जिस तरह केंद्र सरकार से पुलवामा का बदला लेने में भारतीय सैनिकों द्वारा मारे गये आतंकियों की संख्या के सबूत की मांग की है, वह बेहद ही शर्मनाक है. ऐसे लोग मुसीबत के समय साथ देने की बातें तो करते हैं, पर जब कार्रवाई की जाती है, तो अपनी राजनीति […]

विपक्ष के कई नेताओं ने जिस तरह केंद्र सरकार से पुलवामा का बदला लेने में भारतीय सैनिकों द्वारा मारे गये आतंकियों की संख्या के सबूत की मांग की है, वह बेहद ही शर्मनाक है. ऐसे लोग मुसीबत के समय साथ देने की बातें तो करते हैं, पर जब कार्रवाई की जाती है, तो अपनी राजनीति चमकाने लगते हैं.
नेताओं द्वारा भारतीय सेना की कार्रवाई को लेकर जो बयानबाजी की जा रही है, वह उचित नहीं है. चुनाव नजदीक है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि किसी भी मुद्दे को राजनीति से जोड़ दिया जाए. वाकई यह देश की विडंबना है कि हमें बाहरी शक्तियों के साथ-साथ भीतरी अलगाववादी शक्तियों से भी लड़ना पड़ रहा है. ये लोग अपने बयानों से आतंकियों का मनोबल बढ़ा कर रहे हैं. राजनीति के लिए बहुत सारे मुद्दे हैं, पुलवामा को इसमें न घसीटें.
शुभम गुप्ता, धनबाद

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