राज्य सरकारें अवैध शराब पर सख्ती से लगाम लगाएं

देश में गरीबी की हालत को देखते हुए जरूरी नहीं है कि राज्य सरकारें गरीबों के कल्याण की हर केंद्रीय योजना को सही तरह अपनाएं, बल्कि यह भी है कि इसे सुनिश्चित करें कि गरीब तबका अपने हितों के लिए और अधिक जागरूक हो. निर्धन वर्ग के लोगों को अपनी सेहत से लेकर अपने बेहतर […]

देश में गरीबी की हालत को देखते हुए जरूरी नहीं है कि राज्य सरकारें गरीबों के कल्याण की हर केंद्रीय योजना को सही तरह अपनाएं, बल्कि यह भी है कि इसे सुनिश्चित करें कि गरीब तबका अपने हितों के लिए और अधिक जागरूक हो. निर्धन वर्ग के लोगों को अपनी सेहत से लेकर अपने बेहतर भविष्य के लिए किस तरह और सजग होने की जरूरत है, इसे बयान कर रही हैं उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और असम की वे घटनाएं.
ये घटनाएं यही बताती हैं कि एक तो गरीबों के हितों की रक्षा के प्रति उपेक्षा भाव है और दूसरे, इस तबके के लोग अपने भले-बुरे की चिंता सही तरह नहीं कर रहे हैं. यह समय की मांग है कि राज्य सरकारें अवैध और जहरीली शराब के कारोबार पर सख्ती से लगाम लगाये.
डाॅ हेमंत कुमार, गोराडीह (भागलपुर)

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