जेवियर उत्सव का राजनीतीकरण

झारखंड का प्रतिष्ठित कॉलेज संत जेवियर कुछ दिनों से काफी चर्चा में है. चर्चा का मूल विषय है ‘जेवियर उत्सव’. ऐसा लग रहा है, मानो पुलवामा आतंकी घटना का सीधा संबंध ‘जेवियर उत्सव’ से है. कई छात्र और राजनीतिक संगठनों ने उत्सव का विरोध किया है. इस कारण इसे बीच में ही स्थगित कर दिया […]

झारखंड का प्रतिष्ठित कॉलेज संत जेवियर कुछ दिनों से काफी चर्चा में है. चर्चा का मूल विषय है ‘जेवियर उत्सव’. ऐसा लग रहा है, मानो पुलवामा आतंकी घटना का सीधा संबंध ‘जेवियर उत्सव’ से है. कई छात्र और राजनीतिक संगठनों ने उत्सव का विरोध किया है. इस कारण इसे बीच में ही स्थगित कर दिया गया.
जेवियर उत्सव स्थगित क्या हुआ कि प्रदेश के राजनीतिक संगठनों को वाद-विवाद का एक और विषय मिल गया. यह उत्सव सिर्फ रंगारंग कार्यक्रम का उत्सव नहीं है. इस उत्सव की तैयारी छात्र कई महीने पहले से करते हैं.
इसमें बहुत सारी प्रतियोगिताएं होतीं है, जैसे वाद-विवाद, भाषण इत्यादि. ऐसा लगता है कि एक नयी परंपरा शुरू हो रही है. अब हर प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान को राजनीतिक दल अपने प्रभाव में लेने की कोशिश कर रहे हैं. ऐसी परंपरा चिंता का विषय है.
अभिषेक मोहन, संत जेवियर कॉलेज, रांची

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