देश के प्रति जिम्मेदार कब बनेंगे हम?

बीते 23 जून को रांची में मेयर चुनाव था. सभी सरकारी कार्यालयों में अवकाश था. कुल मिला कर 7,26,352 मतदाता थे जिन्हें इस चुनाव में वोट करना था, पर आंकड़े बताते हैं कि केवल 1.28 लाख लोग इस चुनाव में हिस्सा लेने गये. यानी केवल 17.7 प्रतिशत मतदान हुआ. तब सवाल यह उठता है कि […]

बीते 23 जून को रांची में मेयर चुनाव था. सभी सरकारी कार्यालयों में अवकाश था. कुल मिला कर 7,26,352 मतदाता थे जिन्हें इस चुनाव में वोट करना था, पर आंकड़े बताते हैं कि केवल 1.28 लाख लोग इस चुनाव में हिस्सा लेने गये. यानी केवल 17.7 प्रतिशत मतदान हुआ. तब सवाल यह उठता है कि क्या लोगों को इस बात की जानकारी नहीं थी? ऐसा नहीं हो सकता कि उन्हें इस चुनाव के बारे में खबर न हो. कार्यालयों व विद्यालयों में अवकाश भी चुनाव के कारण दिया गया था.

फिर रांची की जनता क्यों नही गयी मतदान करने? बात सीधी सी है कि हम सभी केवल अपनी सुख-सुविधाओं की परवाह करते हैं. अवकाश मिला तो बस स्वयं में ही लीन हो गये. हम देश के प्रति अपना फर्ज भूल चुके हैं, लेकिन सरकार पर दोषारोण करना नहीं भूलते. हमें जागरूक और जिम्मेदार बनने की जरूरत है.

निधि कुमारी, रांची

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