प्रायोगिक परीक्षा की शुद्धता पर भी ध्यान दे सरकार

इंटर और मैट्रिक की प्रायोगिक परीक्षा की शुद्धता पर भी सरकार को गंभीर होने की जरूरत है. प्रैक्टिकल में छात्रों को नंबर दिये जाते हैं, जो मुख्य परीक्षा में काम आते हैं. ज्यादातर स्कूलों-कॉलेजों में प्रायोगिक कक्षाओं की क्या स्थिति है यह किसी से छिपी नहीं है. इसके बावजूद भी प्रायोगिक परीक्षा की अनिवार्यता सरकार […]

इंटर और मैट्रिक की प्रायोगिक परीक्षा की शुद्धता पर भी सरकार को गंभीर होने की जरूरत है. प्रैक्टिकल में छात्रों को नंबर दिये जाते हैं, जो मुख्य परीक्षा में काम आते हैं. ज्यादातर स्कूलों-कॉलेजों में प्रायोगिक कक्षाओं की क्या स्थिति है यह किसी से छिपी नहीं है.
इसके बावजूद भी प्रायोगिक परीक्षा की अनिवार्यता सरकार महसूस करती है, तो इसे होम सेंटर पर भी लेने की व्यवस्था करनी चाहिए और अगर स्कोर दूसरे सेंटर पर ही भेजा जाना जरूरी है, तो मुख्य परीक्षा की भांति वहां भी मजिस्ट्रेट की तैनाती होनी चाहिए, क्योंकि प्रैक्टिकल का दिया गया अंक मुख्य परीक्षा के अंक के मूल्य से कम नहीं होता है. अंक भार में बच्चों का पॉकेट हल्का न हो, इस पर ध्यान देने की जरूरत है.
मिथिलेश कुमार, बलुआचक (भागलपुर)

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