राम की राजनीति कब तक

आज देश सभी सरकार से पूछ रहा है कि राम मंदिर कब बनेगा? कब तक टाट में रह रहे राम पर राजनीति करने वाले राजनेता महलों का सुख भोगेंगे? हिंदू बहुल इस देश में राम मंदिर बनाने के लिए कोर्ट कचहरी का चक्कर लग रहा है. यह बहुत बड़ा विरोधाभास है. एक जनवरी को प्रधानमंत्री […]

आज देश सभी सरकार से पूछ रहा है कि राम मंदिर कब बनेगा? कब तक टाट में रह रहे राम पर राजनीति करने वाले राजनेता महलों का सुख भोगेंगे? हिंदू बहुल इस देश में राम मंदिर बनाने के लिए कोर्ट कचहरी का चक्कर लग रहा है.
यह बहुत बड़ा विरोधाभास है. एक जनवरी को प्रधानमंत्री ने साक्षात्कार में साफ कर दिया है कि मंदिर का यह मुद्दा कोर्ट से निकलने के बाद ही आगे बढ़ेगा. उनके इस बयान से साधु संतों की नाराजगी बहुत ज्यादा बढ़ गयी है. उन्होंने उम्मीद संजोया था सरकार अध्यादेश लाकर राम मंदिर बनाने में सहयोग करेगी परंतु सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अध्यादेश लाने के मूड में नहीं है. एेसे में एक और सरकार राम मंदिर बनवाने के अपने वादे से मुकरती दिख रही है. पता नहीं मंदिर के नाम पर यह राजनीति कब तक चलती रहेगी.
धीरज पाठक, चैनपुर, मेदिनीनगर

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