2017 की विश्व चैंपियन नोजोमी ओकुहारा को हरा पीवी सिंधु ने इतिहास रच दिया है. वह विश्व टूर फाइनल जीतने वाली पहली भारतीय शटलर बन गयी हैं. पिछले वर्ष फाइनल में हारने के बावजूद सिंधु ने अपना मनोबल ऊंचा रखा, आत्मविश्वास बनाये रखा. उसी का नतीजा आज हमारे सामने हैं.
सिर्फ उनकी अच्छी ट्रेनिंग हमें वह नहीं दे सकता था , जो आज वह हैं. अच्छी ट्रेनिंग के साथ-साथ पीवी सिंधु के मन की ताकत भी इस उपलब्धि के लिए बराबर का महत्व रखती हैं. उनकी इस उपलब्धि के साथ ही साथ वे लाखों लड़कियों के लिए भी प्रेरणा स्रोत हैं, जो उनको अपना आदर्श मानती हैं.
सीमा साही, बोकारो
