झारखंड सरकार द्वारा मंगलवार को सरकारी तथा निजी स्कूलों में कक्षा एक से पांच तक की छुट्टी की घोषणा की है. एक पिता एवं एक शिक्षक होने के नाते मैंने यह रांची में हमेशा देखा है कि किसी प्रकार की छुट्टी की घोषणा समय पर नहीं की जाती. क्या स्थानीय प्रशासन को हर नोटिस स्कूलों को कार्य-समय में नहीं देनी चाहिए? कुछ स्कूल के प्राचार्यों ने कहा कि उन्हें नोटिस रात में मिली.
क्या स्कूलों की भी एसएमएस एवं वेबसाइट तंत्र इतना मजबूत नहीं होना चाहिए कि सरकार द्वारा देर से भी सूचित किये जाने पर कम से कम बस भेजने के पहले अभिभावकों को सूचित कर दें? छुट्टी की घोषणा के बावजूद कई स्कूल खुले. आपदा संबंधी पूरी जानकारियों की जिम्मेदारी समाचार पत्रों पर ही क्यों? एक-दो दिन के मौसम की अनिश्चितताओं पर इतनी लेटलतीफी है, तो यही सूचना तंत्र बड़ी जटिलताओं को कैसे संभालेंगे?
चिन्मय कुमार, बूटी रोड, रांची
