बिहार में प्लास्टिक उपयोग पर अब पाबंदी लग चुकी है. इसका असर धीरे-धीरे शहरों के साथ गांवों की ओर भी ले जाने की बात हो रही है. गांव में भी अब प्लास्टिक पर पूर्ण पाबंदी है.
गांव के लोग भी अब प्लास्टिक को कैरी बैग के रूप में उपयोग नहीं कर पायेंगे. प्लास्टिक का निर्माण, आयात, भंडारण, परिवहन, विक्रय एवं उपयोग पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगा दिया गया है. उपयोग करने पर जुर्माने के साथ जेल का भी प्रावधान किया गया है. वैसे प्लास्टिक के उपयोग करने से पर्यावरण प्रदूषित होता है. विभिन्न तरह की बीमारियां जन्म लेती हैं.
मिट्टी की उर्वरा शक्ति कम हो जाती है. पशुओं को खाने से उसकी मौत तक हो सकती है. यह तो प्लास्टिक उपयोग करने के दुष्परिणाम हैं. प्लास्टिक के प्रति लोगों को जागरूक होना पड़ेगा. घर से निकलते समय जूट की थैली लेकर चलें, तब प्लास्टिक पर पाबंदी का असर देखने को मिलेगा.
टीपू चौधरी, बल्लीपुर (समस्तीपुर)
