अमेरिका ने पाकिस्तान की विशेष सैन्य सहायता रोककर एक मिसाल कायम किया है. इसकी सराहना की जानी चाहिए. ट्रंप प्रशासन के इस फैसले से विश्व शांति, खासकर दक्षिण पूर्व एशिया के देशों में शांति को बढ़ावा मिलेगा और आतंकवाद को रोकने में मदद मिलेगी.
इसने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि पाकिस्तान किस हद तक आतंकवाद को संरक्षण दे रहा है और अपनी इस नापाक हरकत को न छोड़ने की जिद पर कायम है. हम उम्मीद करते हैं कि ट्रंप प्रशासन इस्लामाबाद की नकेल यूं ही कसता रहेगा. अगर पाकिस्तान इसके बाद भी नहीं सुधरता है, तो यह उसकी बर्बादी का सबब होगा.
मुकेश कुमार सिंह,आदित्यपुर.
