भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19 जनता को बोलने की आजादी देता है. इसका मतलब यह नहीं कि देश को बर्बाद करने के लिए फिजूल की बातें बोली जाये. पारा शिक्षकों के आंदोलन पर विपक्षी पार्टियों का जो बयान आ रहा है कि हम सत्ता में आये, तो शिक्षकों को स्थायी कर दिया जायेगा.
इनके बोल से तो लगता है कि कभी इन्हें सत्ता ही नहीं मिला या सत्ता में थे, तो पारा शिक्षक नहीं थे. सत्ता सुख पाने वाले याद रखें कि देश की आजादी के लिए लड़ने वाले और शहीद होने वालों ने यह नहीं बोला था कि मुझे सत्ता मिले, तो ही मैं आजादी के लिए लड़ूंगा. अगर लड़ भी लिये, तो ऐसा नहीं कि वे मूर्ख थे. सिर्फ अपने बयान से मीडिया में आना यह शिक्षकों को गुमराह करने की राजनीति है. देश के विकास के लिए सत्ता का होना आवश्यक नहीं है.
बच्चन कुमार, दुमका
