राफेल की सियासी उड़ान !

फ्रांस के राफेल का भारत में पहुंचने से पहले ही धमाकों का दौर शुरू हो चुका है. दुश्मनों को भयभीत करने वाला ‘लड़ाकू’ खुद एक कायर योद्धा बना खड़ा है. राफेल की सियासी उड़ान ने देश को ऊहापोह में डाल रखा है. राष्ट्रीय सुरक्षा को दरकिनार कर व्यक्तिगत हमलों से आखिर क्या हासिल होगा? राफेल […]

फ्रांस के राफेल का भारत में पहुंचने से पहले ही धमाकों का दौर शुरू हो चुका है. दुश्मनों को भयभीत करने वाला ‘लड़ाकू’ खुद एक कायर योद्धा बना खड़ा है.
राफेल की सियासी उड़ान ने देश को ऊहापोह में डाल रखा है. राष्ट्रीय सुरक्षा को दरकिनार कर व्यक्तिगत हमलों से आखिर क्या हासिल होगा? राफेल की मारक क्षमता चाहे जो भी हो, हमारा लोकतंत्र तो बैठे-बिठाये ही लहू-लुहान हो रहा है. राफेल की कीमत बता कर हम देश की सुरक्षा को खतरे में डाल देंगे, यह बात समझ के परे है.
अब तो वायुसेना की जरूरतों और एचएएल की क्षमता पर भी सवाल उठने लगे हैं. माना कि खरीद में किसी घोटाले की आशंका नहीं है, फिर कीमतों पर दुविधा क्यों और कैसी? पारिवारिक उलाहने, राजनीतिक ताने और विदेशी हस्तक्षेप का हौवा खड़ा कर वोट की लड़ाई जीती जा सकती है, मगर लोगों के मन में उठते सवालों पर विजय पाना आसान नहीं होगा.
एमके मिश्रा, रातू, रांची

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