पिछले कुछ सालों में रेलवे को लेकर काफी हड़कंप मचा था कि उनमें बहाली नहीं आ रही थी और अब जब रेलवे ग्रुप-डी की बहाली की खबर आयी, तो पढ़े-लिखे लड़कों की होड़ लग गयी है. इसको देखकर बेरोजगारी का अंदाजा लगाया जा सकता है कि कैसे एक ग्रुप-डी की नौकरी के लिए उच्च शिक्षा पाये छात्रों की भीड़ लग गयी है. फिर भी युवाओं में यह उम्मीद है कि चुनावी प्रक्रिया के पहले जरूर बहाली में तेजी आयेगी.
अब भी बहुत-सी बहाली प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है. शायद चुनाव से पहले इनका परिणाम आ जाये. कुछ पार्टियां इनको राजनीतिक मुद्दा भी बता रही है. इनको राजनीति से नहीं जोड़ना चाहिए. बेरोजगारी की समस्या को दूर करने के लिए तो हर दल को आगे आना चाहिए. चुनाव के पहले बेरोजगारों को रोजगार मिल जाये, इससे अच्छी बात और क्या हो सकती है. वैसे अब भी बहुत सारे पद रिक्त पड़े हैं.
श्रीकांत दास, मधुपुर, देवघर
