सार्थक संदेश देती फिल्म पैड मैन

समाज में उपेक्षा की दृष्टि से देखे जाने वाले विषय पर आधारित फिल्म पैड मैन रिलीज हो गयी. आज भी देश में सेनेटरी पैड का प्रयोग 20 प्रतिशत से कम महिलाएं करती हैं. आज भी वे पुराने उपायों का ही इस्तेमाल करती हैं, जिसकी वजह से उन्हें गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ता है. […]

समाज में उपेक्षा की दृष्टि से देखे जाने वाले विषय पर आधारित फिल्म पैड मैन रिलीज हो गयी. आज भी देश में सेनेटरी पैड का प्रयोग 20 प्रतिशत से कम महिलाएं करती हैं. आज भी वे पुराने उपायों का ही इस्तेमाल करती हैं, जिसकी वजह से उन्हें गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ता है.
उस पर भी यह शर्म का विषय माना जाता है. महिलाएं इस पर बात करने से भी कतराती हैं, वहीं पुरुषों में या तो इस बारे में जानकारी नहीं है या वे इस विषय पर बात करना पाप समझते हैं. इस विषय पर कोई भी व्यक्ति बात करने में सहज नहीं. ऐसे भी इस विषय पर फिल्म बनाना कोई आसान काम नहीं था. इस फिल्म के आने के बाद पहली बार लोग इस विषय पर चर्चा कर रहे हैं. यह बहुत बड़ी बात है. इस फिल्म को टैक्स फ्री करें.
डॉ शिल्पा जैन सुराणा, इमेल से

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