बनारस पर टिकी रहेंगी सबकी निगाहें

इसमें कोई दो-राय नहीं कि वाराणसी एक प्राचीन शहर है. इतिहास के पन्‍नों पलटने से इसके वैभव और महत्व का सहज ज्ञान हो जाता है. आज भी यह शहर अध्यात्म, संस्कृति और शिक्षा का उच्च केंद्र है. हिंदुओं के लिए यह तीर्थस्थान है. यह कथन सौ फीसदी सही भी है कि ‘भारत के लोग तो […]

इसमें कोई दो-राय नहीं कि वाराणसी एक प्राचीन शहर है. इतिहास के पन्‍नों पलटने से इसके वैभव और महत्व का सहज ज्ञान हो जाता है. आज भी यह शहर अध्यात्म, संस्कृति और शिक्षा का उच्च केंद्र है. हिंदुओं के लिए यह तीर्थस्थान है. यह कथन सौ फीसदी सही भी है कि ‘भारत के लोग तो यह मानते रहे हैं कि अगर काशी नहीं गये, तो तीरथ-धरम अधूरा है.’ इसके साथ ही इस बार वाराणसी का राजनीतिक महत्व भी काफी बढ़ गया है, क्योंकि नरेंद्र मोदी यहां से चुनाव लड़ रहे हैं.

वैसे चुनाव में हर सीट महत्वपूर्ण होती है, मगर मोदी बनाम केजरीवाल के कारण यह शहर पूरी दुनिया के लिए आकर्षण बन चुका है. यहां काफी चुनावी चहल-पहल देखने को मिल रही है. यह कहना गलत नहीं होगा कि इस बार करोड़ों लोगों की निगाहें इस सीट पर ही होंगी. अब देखना है कि जीत किसकी होगी?

मोनी सिंह, डोरंडा

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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