झारखंड का युवा वर्ग सबसे अधिक निराश है. चाहे जेपीएससी की परीक्षा हो या फिर जेएसएससी की परीक्षा, सभी में सरकार के मनमानेपन, भ्रष्टाचार और विलंब के कारण युवाओं को बेरोजगारी की चक्की में पिसना पड़ रहा है. अभी हाल ही में संपन्न हुई हाइस्कूल परीक्षा का ही उदाहरण लें, पहले सरकार ने इतिहास, नागरिक शास्त्र को एकसाथ रखकर हजारों छात्रों को फॉर्म भरने से वंचित कर दिया. हाइकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक परीक्षा को गुजरना पड़ा.
किसी तरह खींचतान कर परीक्षा संपन्न हुई. मगर, समाचार पत्रों में खबर मिल रही है कि लाखों रुपये लेकर सीट बेचे जा रहे हैं, कुछ दिन पूर्व इस संबंध में एक ऑडियो भी वायरल हुआ था. हम युवा इस सोच में पड़े हैं कि क्या झारखंड सरकार शिक्षकों की बहाली में भी साफ-सुथरे तरीके से काम नहीं कर सकती?
अमर कुमार, इमेल से
