देश में इन दिनों पद्मावती पर खूब हल्ला हो रहा है. मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान काट- छांट और फिल्म का नाम बदले जाने के बाद भी इसे अपने राज्य में रिलीज होने देने के लिए राजी नहीं हैं.
इसी तरह कुछ अन्य मुख्यमंत्री भी पद्मावत को रिलीज न करने के पक्ष में दिख रहे हैं. ये मुख्यमंत्री इतिहास के ऐसे पात्र के सम्मान में अपनी प्रतिबद्ध दिखा रहे हैं, जो कवि जायसी की कल्पना है, क्योंकि फिल्म के कथानक का आधार जायसी की कृति ही है.
जब देश की सर्वोच्च अदालत ने पद्मावत को रिलीज करने की इजाजत दे दी है, उसके बाद भी मुख्यमंत्रियों को अपने फैसले पर अड़ना संविधान के विपरीत है. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद इन मुख्यमंत्रियों का पद्मावत को रिलीज होने से मना करना यही प्रकट करता है कि इन्हें पद्मावती की नहीं, अपनी घोषणा की इज्जत और वोट बैंक की चिंता है.
अवधेश कुमार राय, धनबाद
