देश की अखंडता का क्या करेंगे मोदी?

देश के 2014 के लोकसभा चुनाव में निश्चित रूप से भाजपा की लहर नहीं है, पर मोदी लहर से इनकार करने की बेवकूफी हम बिल्कुल नहीं कर सकते. और यह मोदी लहर इस बात का संकेत है कि 2014 में नरेंद्र मोदी को जनता द्वारा प्रधानमंत्री पद पर बिठाने हेतु मीडिया का प्रयास सफल होता […]

देश के 2014 के लोकसभा चुनाव में निश्चित रूप से भाजपा की लहर नहीं है, पर मोदी लहर से इनकार करने की बेवकूफी हम बिल्कुल नहीं कर सकते. और यह मोदी लहर इस बात का संकेत है कि 2014 में नरेंद्र मोदी को जनता द्वारा प्रधानमंत्री पद पर बिठाने हेतु मीडिया का प्रयास सफल होता दिख रहा है. नरेंद्र मोदी का प्रधानमंत्री और भाजपा की सरकार बनने की संभावना निश्चित रूप से काफी प्रबल हुई है.

आज देश की एक बड़ी आबादी बदलाव चाहती है, जो अब ‘नमो’ रूप में आने की संभावना है. अगर ऐसा हुआ तो यह मोदी की खुशकिस्मती होगी. लेकिन अगर नरेंद्र मोदी अखंडता और धर्मनिरपेक्षता के रास्ते देश को चलाना चाहेंगे, तो उन्हें मुश्किल होगी. इसकी वजह उनके साथी हैं, जिनकी बयानबाजी ने अल्पसंख्यकों को भाजपा से दूर किया है. खैर, देखें आगे क्या होता है!

मो सलीम, बरकाकाना

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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