कांग्रेस का रवैया

इस्राइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू के आगमन पर भारतीय प्रधानमंत्री ने प्रोटोकॉल को तोड़ते हुए जिस तरह से स्वयं एयरपोर्ट पर जाकर गर्मजोशी से उनका स्वागत किया और उन्हें गले लगाया, वह शानदार था, लेकिन उतना ही बदसूरत था कांग्रेस के आधिकारिक ट्विटर एकाउंट पर नरेंद्र मोदी के गले लगाने को लेकर मजाक उड़ाते हुए वीडियो […]

इस्राइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू के आगमन पर भारतीय प्रधानमंत्री ने प्रोटोकॉल को तोड़ते हुए जिस तरह से स्वयं एयरपोर्ट पर जाकर गर्मजोशी से उनका स्वागत किया और उन्हें गले लगाया, वह शानदार था, लेकिन उतना ही बदसूरत था कांग्रेस के आधिकारिक ट्विटर एकाउंट पर नरेंद्र मोदी के गले लगाने को लेकर मजाक उड़ाते हुए वीडियो पोस्ट करना.
ट्वीट में गले मिलने पर तंज कसा गया और उसे टाइटेनिक हग तक बताया गया. जब हमारा विदेशी मेहमान हमारे देश में ही है, कांग्रेस का यह कृत्य उसके वैचारिक दिवालियेपन का प्रतीक है.
इस्राइल हमारा विश्वसनीय दोस्त है, जो 1962 से लेकर आज तक संकट की हर घड़ी में हमारे साथ खड़ा रहा है, जब पोखरण परमाणु परीक्षण के बाद पूरा विश्व हमारे खिलाफ था एवं जब कारगिल में घुसपैठियों से जंग हो रही थी. नरेंद्र मोदी को नीच कहने पर राहुल गांधी ने अपने नेताओं को ताकीद की थी कि वे पीएम का अनादर न करें. क्या अब कांग्रेस में राहुल गांधी की भी कोई नहीं सुनता?
चंदन कुमार, देवघर

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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