आजकल ट्रेनों में लूटपाट, चोरी, डकैती और हिंसा की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं. अभी हावड़ा से दिल्ली आ रही ट्रेन में अलीगढ़ के पास दिन-दहाड़े लूटपाट के बाद दो लड़कियों को उनके अभिभावकों के साथ चलती ट्रेन से फेंक दिया गया.
ताज्जुब की बात तो यह है कि फिर भी सरकार और रेल प्रशासन दोनों सोये हुए हैं. इसके अलावा, रेल दुर्घटनाओं का तो कोई हिसाब ही नहीं है. ये भी लगातार बढ़ रही हैं. इसका मुख्य कारण भ्रष्टाचार ही है, जिसके चलते बेरोजगारी, महंगाई और सरकार की घोर लापरवाही है. पिछले लगभग 20 वर्षो से कर्मचारियों की उचित नियुक्तियां न होने से भी रख-रखाव और सुरक्षा में भारी गिरावट आयी है. इससे बड़ी बात तो रोजाना लोकल ट्रेनों में दादागीरी की है, जो कई वर्षो से चल रही है. इस समस्या के हल के लिए ट्रेनों में हथियारबंद सिपाहियों की तैनाती जरूरी है.
वेद मामूरपुर, नयी दिल्ली
