बंद मतलब नुकसान

भारिप बहुजन महासंघ के नेता प्रकाश अांबेडकर ने भीमा-कोरेगांव लड़ाई के स्मृति कार्यक्रम के खिलाफ हुई हिंसा के विरोध में विभिन्न दलित और अन्य संगठनों द्वारा बुलाया गया महाराष्ट्र बंद वापस लिया. हिंसा की जो घटनाएं हुईं वह बिलकुल ही निंदनीय है. जब बंद का एलान किया गया, उसी समय बंद शांतिपूर्ण तरीके से ही […]

भारिप बहुजन महासंघ के नेता प्रकाश अांबेडकर ने भीमा-कोरेगांव लड़ाई के स्मृति कार्यक्रम के खिलाफ हुई हिंसा के विरोध में विभिन्न दलित और अन्य संगठनों द्वारा बुलाया गया महाराष्ट्र बंद वापस लिया. हिंसा की जो घटनाएं हुईं वह बिलकुल ही निंदनीय है.
जब बंद का एलान किया गया, उसी समय बंद शांतिपूर्ण तरीके से ही बंद की घोषणा होनी चाहिए थी. जो भी बंद के समय तोड़-फोड़, आगजनी करेंगे उन पर सख्त कार्रवाई करने के लिए प्रकाश अांबेडकर कह सकते थे.
बंद किस तरह होना चाहिए यह साफ करना उनकी ही जिम्मेदारी थी. लोगों को लंबे इंतजार के बाद सार्वजनिक सुविधाएं मिलती हैं और उन्हें बंद के समय नुकसान पहुंचाने से वह सुविधाएं फिर कब मिलेंगी, यह सवाल खड़ा हो जाता है. जो भी संगठन बंद का एलान करते हैं, उनसे नुकसान जब तक वसूला नहीं जाता, तब तक सीख नहीं मिलने वाली.
मानसी जोशी, इमेल

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